Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
ब्रह्मचर्य

सुरेन्द्रप्रतिमाधीरा, अप्यचिन्त्यपराक्रमाः। दशग्रीवादयो यातः, स्त्रीणां कृते रसातलं।।

इन्द्र के समान धीर-वीर अचिन्त्य पराक्रम के धारी रावण आदि स्त्रियों के कारण नरक में चले गए हैं।

Even ones as steadfast and mighty as Indra, of unimaginable prowess - Ravana and the like - went to hell on account of women.

— आराध्य सूत्र · #31

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जिसने वैराग्य रूपी तलवार के द्वारा इन्द्रियरूपी चोरों को नष्ट कर दिया उसको स्वर्ग मोक्ष अवश्य प्राप्त होता है। वैराग्य के बिना शरीर को दण्डित करना व्यर्थ है। जब चित्रादि में निर्मित स्त्री मन में क्षोभ उत्पन्न करती है तब स्त्री के संसर्ग और वार्तालाप में मन एकाग्र कैसे रह सकता है?
ब्रह्मचर्य