Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
चरित्र

व्यभिचारी को घृणा, पाप, भ्रम, और कलङ्क इन चारों से छुटकारा नहीं मिलता है।

The adulterer never escapes these four - disgust, sin, delusion and disgrace.

— आराध्य सूत्र · #23

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