Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
ब्रह्मचर्य

कामभोग में एकक्षण का सुख, बहुकाल दुःख, सीमित सुख, असीमित दुःख, काम भोग मुक्ति के विरोधी व अनर्थों के मूल हैं।

In sensual enjoyment there is a moment's pleasure and long suffering, limited pleasure and unlimited pain; sensual enjoyments are enemies of liberation and the root of calamities.

— आराध्य सूत्र · #21

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जिसने वैराग्य रूपी तलवार के द्वारा इन्द्रियरूपी चोरों को नष्ट कर दिया उसको स्वर्ग मोक्ष अवश्य प्राप्त होता है। वैराग्य के बिना शरीर को दण्डित करना व्यर्थ है। जब चित्रादि में निर्मित स्त्री मन में क्षोभ उत्पन्न करती है तब स्त्री के संसर्ग और वार्तालाप में मन एकाग्र कैसे रह सकता है?
ब्रह्मचर्य