Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
ब्रह्मचर्य

इन्द्रिय भोग और इन्द्रिय ज्ञान दोनों ब्रह्मचर्य में बाधक हैं, ब्रह्मचर्य का पालन करने के लिये स्वप्न में भी सावधान रहना पड़ता है, सौन्दर्य प्रदर्शन ब्रह्मचर्य का अपमान है।

Both sense-enjoyment and sense-knowledge obstruct celibacy; to keep celibacy one must be watchful even in dreams, and displaying beauty is an insult to celibacy.

— आराध्य सूत्र · #9

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जिसने वैराग्य रूपी तलवार के द्वारा इन्द्रियरूपी चोरों को नष्ट कर दिया उसको स्वर्ग मोक्ष अवश्य प्राप्त होता है। वैराग्य के बिना शरीर को दण्डित करना व्यर्थ है। जब चित्रादि में निर्मित स्त्री मन में क्षोभ उत्पन्न करती है तब स्त्री के संसर्ग और वार्तालाप में मन एकाग्र कैसे रह सकता है?
ब्रह्मचर्य