Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
ब्रह्मचर्य

धन और स्त्री का राग मन रहित वृक्षों को भी नहीं छोड़ता फिर मनुष्यों की तो बात ही क्या है, जहाँ धन गड़ा हो वहाँ वृक्ष की जड़ें चली जाती हैं और स्त्रियों के पैर मारने आदि से वृक्ष खिल उठते हैं।

Attachment to wealth and to women spares not even mindless trees, let alone human beings; where wealth is buried the roots of a tree go toward it, and struck by women's feet certain trees burst into bloom.

— आराध्य सूत्र · #4

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जिसने वैराग्य रूपी तलवार के द्वारा इन्द्रियरूपी चोरों को नष्ट कर दिया उसको स्वर्ग मोक्ष अवश्य प्राप्त होता है। वैराग्य के बिना शरीर को दण्डित करना व्यर्थ है। जब चित्रादि में निर्मित स्त्री मन में क्षोभ उत्पन्न करती है तब स्त्री के संसर्ग और वार्तालाप में मन एकाग्र कैसे रह सकता है?
ब्रह्मचर्य