Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
ब्रह्मचर्य

गुरु की साक्षी पूर्वक लिए हुए समस्त व्रतों का पालन करना, संसार रूप शत्रु से भयभीत मनुष्य का ब्रह्मचर्य कहलाता है।

To observe all the vows taken in the presence of the guru is called the celibacy of a person who fears the enemy that is worldly existence.

— आराध्य सूत्र · #3

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जिसने वैराग्य रूपी तलवार के द्वारा इन्द्रियरूपी चोरों को नष्ट कर दिया उसको स्वर्ग मोक्ष अवश्य प्राप्त होता है। वैराग्य के बिना शरीर को दण्डित करना व्यर्थ है। जब चित्रादि में निर्मित स्त्री मन में क्षोभ उत्पन्न करती है तब स्त्री के संसर्ग और वार्तालाप में मन एकाग्र कैसे रह सकता है?
ब्रह्मचर्य