यान्ति न्याय प्रवृत्तस्य, तिर्यञ्चोऽपि सहायतां। अपन्थानं तु गच्छन्तं, सोदरोऽपि विमुञ्चति।।
न्यायवान की पशु भी सहायता करता है, कुमार्ग पर चलने वाले को सगा भाई भी छोड़ देता है। रावण के भाई विभीषण की तरह।
Even animals help the just person, but even one's own brother forsakes him who walks the wrong path — like Ravana's brother Vibhishan.
— आराध्य सूत्र · #22
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