Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
चरित्र

कर्त्तव्यमेव कर्त्तव्यं, प्राणैः कण्ठगतैरपि। अकर्त्तव्यं नैव कर्त्तव्यं, प्राणैः कण्ठगतैरपि।।

करने योग्य कार्य करना ही चाहिये भले ही प्राण कण्ठगत हो जाएँ, और नहीं करने योग्य कार्य को नहीं करना चाहिये भले ही प्राण कण्ठगत हो जाएं।

What ought to be done must be done, even if life reaches the throat; what ought not to be done must never be done, even if life reaches the throat.

— आराध्य सूत्र · #12

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