Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
चरित्र

हीने संहनने जीवा, यश्चारित्रं समाचरेत्। उत्कृष्टापेक्षया तस्य, सहस्र गुणितं फलं।।

जो जीव हीन संहनन के होने पर भी चारित्र का पालन करता है उसे उत्कृष्ट संहनन की अपेक्षा हजार गुणा ज्यादा फल मिलता है।

A being who observes conduct even while possessing an inferior bodily constitution earns a thousandfold greater fruit than one with the finest constitution.

— आराध्य सूत्र · सु.र. · #6

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