Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
वाणी

श्रोतृणां यः सभामध्ये, कालं खादति दुर्जनः। किं नाबलम्बते मौनं, तेन मूर्खेण तत्र चेत्।।

जो दुष्ट सभा में श्रोताओं का समय बर्बाद करता है, वह मूर्ख मौन का आलम्बन क्यों नहीं लेता है?

The wicked one who wastes the listeners' time in an assembly—why does that fool not take refuge in silence?

— आराध्य सूत्र · #14

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