Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
वाणी

पर की निंदा करने वाला और स्वयं की निंदा नहीं करने वाला मिथ्यादृष्टि होता है।

One who censures others but never censures himself is of wrong faith.

— आराध्य सूत्र · #618

इसी विषय के और सूत्र

सभी वाणी →