Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
वाणी

वाणी मनोरमा तस्य, शास्त्रसन्दर्भगर्भिता। आदेया जायते येन, क्रियते मौनमुज्ज्वलं।।

जिसके द्वारा निर्दोष मौन का पालन किया जाता है उसकी वाणी शास्त्र से सम्बन्धित, मनोरम एवं ग्रहण करने योग्य होती है।

One who observes flawless silence has speech that is grounded in scripture, delightful, and worth accepting.

— आराध्य सूत्र · #7

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