Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
वाणी

यदीच्छसि वशी कर्तुं, जगदेकेन कर्मणा। परापवाद शश्येभ्यो:, गां चरन्तीं निवारय।।

अगर मात्र एक उपाय से जगत को अपने बस में करना चाहते हो तो अपनी वाणी रूपी गाय को पर की निन्दा रूपी धान मत चरने दो।

If you wish to win over the whole world by a single means, do not let the cow of your speech graze upon the crop of slandering others.

— आराध्य सूत्र · #29

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