Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
क्षमा

ईसामसीह को शूली- जब निरपराध ईसामसीह को लोगों ने शूली पर चढ़ाया तब उन्होंने कहा कि हे भगवन् ! ये अज्ञानि प्राणी नहीं समझते कि हम क्या कर रहे हैं और इसका फल क्या होगा? हे भगवन् ! इनका अपराध क्षमा हो।

Jesus on the cross: when people crucified the innocent Jesus, he said, 'O Lord! these ignorant beings do not understand what they are doing or what its fruit will be. O Lord, forgive their offence.'

— आराध्य सूत्र · #117

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कोई भी प्राणी तुम्हारे द्वारा तिरस्कार के योग्य नहीं है, ये तो सब स्वतन्त्र पदार्थ हैं, इनसे तेरा सम्बन्ध क्या है? अपने क्रोध–मान–माया–लोभ का तिरस्कार तेजी से करो, इन्हीं कषायों ने तुझे भटका रखा है और दुःखी कर रखा है।
क्षमा