Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
क्षमा

बनारसीदास जी ने रास्ते में पेशाब करदी चौकीदार ने दो-तीन थप्पड़ मार दिये अगले दिन उन्होंने नौकर की ईमानदारी की प्रशंसा करके उसका वेतन बढ़वा दिया।

When Banarasidasji urinated on the road, the watchman slapped him two or three times; the next day, praising the servant's honesty in his duty, he had his wages raised.

— आराध्य सूत्र · #114

इसी विषय के और सूत्र

सभी क्षमा →
कोई भी प्राणी तुम्हारे द्वारा तिरस्कार के योग्य नहीं है, ये तो सब स्वतन्त्र पदार्थ हैं, इनसे तेरा सम्बन्ध क्या है? अपने क्रोध–मान–माया–लोभ का तिरस्कार तेजी से करो, इन्हीं कषायों ने तुझे भटका रखा है और दुःखी कर रखा है।
क्षमा