Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
क्षमा

किसान का प्रतिशोध- किसान अपनी पत्नि को पीटना चाहता था, लेकिन वह बहुत चतुर थी, उसने अपने जीवन में ऐसा काम नहीं किया जिससे उसको कोई पीट सके, किसान ने एक दिन उसको पीटने के उद्देश्य से खेत में हल चलाते समय पत्नि को आते देख कर हल में बैल उल्टे नह दिये, उसने सोचा ऐसा देखकर पत्नि कुछ कहेगी तभी मैं उसको पीट दूँगा, लेकिन पत्नि ने चुप-चाप नास्ता दिया और घर की ओर चली गई, पूँछने पर बोली कि चाहे आप उल्टा नहो या सीधा खेत जोतना आपको है मेरा काम नास्ता देना है, पति देखता रह गया।

The farmer's revenge: a farmer wanted to beat his wife, but she was very shrewd and had never given him cause. One day, meaning to beat her, when he saw her coming he yoked the oxen to the plough backwards, thinking she would object and give him an excuse. But she silently handed him breakfast and turned homeward; when asked she said, 'Whether you plough backwards or straight is your affair; my job is to bring your food.' The husband was left staring.

— आराध्य सूत्र · #109

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कोई भी प्राणी तुम्हारे द्वारा तिरस्कार के योग्य नहीं है, ये तो सब स्वतन्त्र पदार्थ हैं, इनसे तेरा सम्बन्ध क्या है? अपने क्रोध–मान–माया–लोभ का तिरस्कार तेजी से करो, इन्हीं कषायों ने तुझे भटका रखा है और दुःखी कर रखा है।
क्षमा