Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
क्षमा

इच्छायें उसकी सभी, फलें सदा भरपूर। जिसने अपने चित्त से, कोप किया अति दूर ॥13॥

All the wishes of the one who has driven anger far from his mind are always fulfilled in abundance.

— आराध्य सूत्र · #86

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सभी क्षमा →
कोई भी प्राणी तुम्हारे द्वारा तिरस्कार के योग्य नहीं है, ये तो सब स्वतन्त्र पदार्थ हैं, इनसे तेरा सम्बन्ध क्या है? अपने क्रोध–मान–माया–लोभ का तिरस्कार तेजी से करो, इन्हीं कषायों ने तुझे भटका रखा है और दुःखी कर रखा है।
क्षमा