Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
क्षमा

खोद-खाद धरती सहे, काट कूट वनराय। कुटिल वचन साधु सहे, और से सहा न जाय ॥5॥

The earth endures being dug up, the forest endures being cut down; the saint endures crooked words, which none else could bear.

— आराध्य सूत्र · #77

इसी विषय के और सूत्र

सभी क्षमा →
कोई भी प्राणी तुम्हारे द्वारा तिरस्कार के योग्य नहीं है, ये तो सब स्वतन्त्र पदार्थ हैं, इनसे तेरा सम्बन्ध क्या है? अपने क्रोध–मान–माया–लोभ का तिरस्कार तेजी से करो, इन्हीं कषायों ने तुझे भटका रखा है और दुःखी कर रखा है।
क्षमा