Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
क्षमा

जैसे चौराहे पर घर है तो धूल व शोर आदि के अनेक उपद्रव होंगे, उसी प्रकार संसार में हैं तो प्रतिकूलताएँ तो होंगी ही, अतः सहन करना चाहिए व क्षमा करना चाहिए।

As a house at a crossroads must suffer dust, noise and many disturbances, so living in the world means adversities are bound to come; therefore one must endure and forgive.

— आराध्य सूत्र · #47

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कोई भी प्राणी तुम्हारे द्वारा तिरस्कार के योग्य नहीं है, ये तो सब स्वतन्त्र पदार्थ हैं, इनसे तेरा सम्बन्ध क्या है? अपने क्रोध–मान–माया–लोभ का तिरस्कार तेजी से करो, इन्हीं कषायों ने तुझे भटका रखा है और दुःखी कर रखा है।
क्षमा