Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
क्षमा

मासोपवास करो, सत्य का विस्तार करो, ध्यान करो, बाहर वन में निवास करो, ब्रह्मचर्य धारण करो और भिक्षावृत्ति से भोजन करो परन्तु यह सब करने वाला यदि क्रोध करता है तो सब निरर्थक है।

Fast for a month, spread truth, meditate, dwell in the forest, keep celibacy and live on alms — yet if the one doing all this gives way to anger, it is all worthless.

— आराध्य सूत्र · #24

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कोई भी प्राणी तुम्हारे द्वारा तिरस्कार के योग्य नहीं है, ये तो सब स्वतन्त्र पदार्थ हैं, इनसे तेरा सम्बन्ध क्या है? अपने क्रोध–मान–माया–लोभ का तिरस्कार तेजी से करो, इन्हीं कषायों ने तुझे भटका रखा है और दुःखी कर रखा है।
क्षमा