Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
क्षमा

प्राणायाम से, स्थान छोड़ देने से, एकान्त में जाकर क्रोध के कारण भूलने से और श्वाँस से, कषाय रूपी धुआँ को निकालने से क्रोध शान्त होता है।

Anger subsides through pranayama, by leaving the place, by going into solitude and forgetting its cause, and by breathing out the smoke of the passions.

— आराध्य सूत्र · #14

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कोई भी प्राणी तुम्हारे द्वारा तिरस्कार के योग्य नहीं है, ये तो सब स्वतन्त्र पदार्थ हैं, इनसे तेरा सम्बन्ध क्या है? अपने क्रोध–मान–माया–लोभ का तिरस्कार तेजी से करो, इन्हीं कषायों ने तुझे भटका रखा है और दुःखी कर रखा है।
क्षमा