Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
क्षमा

वैरं वैश्वानरं व्याधिः, वादो व्यसन लक्षणाः। महानर्थाय जायन्ते, वकाराः पञ्चवर्जिताः।।

वैर, अग्नि, व्याधि, विवाद और व्यसन ये पाँच वकार अनर्थकारी हैं।

Enmity, fire, disease, dispute and addiction, these five things (beginning with 'v') are causes of great harm and should be shunned.

— आराध्य सूत्र · #50

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कोई भी प्राणी तुम्हारे द्वारा तिरस्कार के योग्य नहीं है, ये तो सब स्वतन्त्र पदार्थ हैं, इनसे तेरा सम्बन्ध क्या है? अपने क्रोध–मान–माया–लोभ का तिरस्कार तेजी से करो, इन्हीं कषायों ने तुझे भटका रखा है और दुःखी कर रखा है।
क्षमा