Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
क्षमा

क्रोध, ईर्ष्या, द्वेष, आदि बुद्धि का नाश तो करते ही हैं, निराशा के भी जनक हैं, निराशा तनाव की जननी है और तनाव अनेक रोगों की जड़ है, पेट के घाव में तनाव अहम भूमिका निभाता है।

Anger, jealousy, hatred and the like not only destroy the intellect but also give birth to despair; despair is the mother of stress, and stress is the root of many diseases; in stomach ulcers stress plays a major role.

— आराध्य सूत्र · #47

इसी विषय के और सूत्र

सभी क्षमा →
कोई भी प्राणी तुम्हारे द्वारा तिरस्कार के योग्य नहीं है, ये तो सब स्वतन्त्र पदार्थ हैं, इनसे तेरा सम्बन्ध क्या है? अपने क्रोध–मान–माया–लोभ का तिरस्कार तेजी से करो, इन्हीं कषायों ने तुझे भटका रखा है और दुःखी कर रखा है।
क्षमा