Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
क्षमा

क्रोध अग्नि या चण्डाल है, वह शरीर और क्षमादि गुणों को जलाता है।

Anger is fire or an outcaste; it burns the body and virtues such as forgiveness.

— आराध्य सूत्र · #40

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कोई भी प्राणी तुम्हारे द्वारा तिरस्कार के योग्य नहीं है, ये तो सब स्वतन्त्र पदार्थ हैं, इनसे तेरा सम्बन्ध क्या है? अपने क्रोध–मान–माया–लोभ का तिरस्कार तेजी से करो, इन्हीं कषायों ने तुझे भटका रखा है और दुःखी कर रखा है।
क्षमा