Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
क्षमा

प्रतिशोध के समय बोध अन्धा होता है एवं क्षमा माँगने पर क्षमा करना अहङ्कार को पुष्ट करना है।

At the time of revenge, understanding is blind; and to forgive only when forgiveness is begged is to nourish one's ego.

— आराध्य सूत्र · #39

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कोई भी प्राणी तुम्हारे द्वारा तिरस्कार के योग्य नहीं है, ये तो सब स्वतन्त्र पदार्थ हैं, इनसे तेरा सम्बन्ध क्या है? अपने क्रोध–मान–माया–लोभ का तिरस्कार तेजी से करो, इन्हीं कषायों ने तुझे भटका रखा है और दुःखी कर रखा है।
क्षमा