Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
क्षमा

पुत्र को लेकर पति-पत्नि में विवाद हो गया- पत्नि कहती मैं बेटे को डॉक्टर बनाऊँगी, पति कहता मैं बेटे को वकील बनाऊँगा। जज ने कहा! बच्चे से पूँछो वह क्या बनना चाहता है, बोले! बच्चा तो अभी हुआ ही नहीं।

A husband and wife quarrelled over their son: the wife said I will make our son a doctor, the husband said I will make him a lawyer. The judge said, ask the child what he wants to become; they replied, but the child has not even been born yet.

— आराध्य सूत्र · #33

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कोई भी प्राणी तुम्हारे द्वारा तिरस्कार के योग्य नहीं है, ये तो सब स्वतन्त्र पदार्थ हैं, इनसे तेरा सम्बन्ध क्या है? अपने क्रोध–मान–माया–लोभ का तिरस्कार तेजी से करो, इन्हीं कषायों ने तुझे भटका रखा है और दुःखी कर रखा है।
क्षमा