Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
क्षमा

जिस प्रकार अग्नि किसान के कष्ट से सञ्चित धान्य को जला देती है, उसी प्रकार क्रोध भी व्रती के समस्त पुण्य को क्षण भर में जला देता है।

Just as fire burns up the grain a farmer has gathered through toil, so too anger burns up in a moment all the merit of one who keeps vows.

— आराध्य सूत्र · #28

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कोई भी प्राणी तुम्हारे द्वारा तिरस्कार के योग्य नहीं है, ये तो सब स्वतन्त्र पदार्थ हैं, इनसे तेरा सम्बन्ध क्या है? अपने क्रोध–मान–माया–लोभ का तिरस्कार तेजी से करो, इन्हीं कषायों ने तुझे भटका रखा है और दुःखी कर रखा है।
क्षमा