Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
संगति

अन्धकार में दीप जलाना सबके वश की बात नहीं है, कठिन समय में साथ निभाना हर साथी की रीत नहीं है। मन के मौन समन्दर में जब पीड़ाओं का ज्वार उठा हो, पीड़ाओं को पीकर मुस्कराना सबके वश की बात नहीं है।।

To light a lamp in the darkness is not within everyone's power; to stand by in hard times is not every companion's way. When in the silent ocean of the heart a tide of sorrows rises, to swallow the pain and still smile is not within everyone's power.

— आराध्य सूत्र · #42

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संतों की संगति करके नर देह सार्थक कर लेना चाहिए। आसन से रोगों का नाश और प्राणायाम से पापों का नाश और योगी के मन के विकार प्रत्याहार से दूर हो जाते हैं। धारणा से धैर्य आता है तथा अद्भुत चैतन्य की प्राप्ति होती है समाधि से शुभाशुभ कार्यों को त्याग कर साधक मोक्ष को प्राप्त करता है।
संगति
जब कभी अपने हृदय को प्रफुल्लित करना चाहो, अपने निकटवर्तियों के शुभ गुणों को चित्त में लाओ, जैसे कि एक की स्फूर्ति, दूसरे की विनम्रता, तीसरे की उदारता, चौथे की ऐसी ही कोई अच्छाई अर्थात् गुणों की ओर दृष्टि होने से मन प्रसन्न रहता है।
संगति