Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
चरित्र

अरावप्युचितं कार्यं, मातिथ्यं गृहमागते। छेत्तुं पार्श्वगतं छायां, नोपसंहरते द्रुमः।।

घर पर आए हुए शत्रु का भी सम्मान करना चाहिये, जिस प्रकार काटने के लिए आए हुए शत्रु को भी वृक्ष छाया देता है।

Even an enemy who comes to your home should be honoured, just as a tree gives its shade even to one who comes to cut it down.

— आराध्य सूत्र · #3

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