Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
ब्रह्मचर्य

'परस्त्रीसेवन' के भाव से महान् पाप होता है और उसके फल स्वरूप अज्ञानी जनों को सातवे नरक सम्बन्धी महान् दुःख भोगना पड़ता है।

Consorting with another's wife brings great sin, and as its fruit the ignorant must suffer the immense misery of the seventh hell.

— आराध्य सूत्र · #15

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जिसने वैराग्य रूपी तलवार के द्वारा इन्द्रियरूपी चोरों को नष्ट कर दिया उसको स्वर्ग मोक्ष अवश्य प्राप्त होता है। वैराग्य के बिना शरीर को दण्डित करना व्यर्थ है। जब चित्रादि में निर्मित स्त्री मन में क्षोभ उत्पन्न करती है तब स्त्री के संसर्ग और वार्तालाप में मन एकाग्र कैसे रह सकता है?
ब्रह्मचर्य