Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
मन

लवण सागर और क्षीर सागर शास्त्रों में दो सागर कहें हैं, जिसके मन में प्रेम, करूणा, भक्ति का भाव हो वह क्षीर सागर हैं, जिसके मन में काम, क्रोध, मद, मोह, मान, मत्सर हो वह लवण सागर है।

The scriptures speak of two oceans, the salt ocean and the ocean of milk: one whose mind holds love, compassion and devotion is the ocean of milk; one whose mind holds lust, anger, pride, delusion, arrogance and envy is the salt ocean.

— आराध्य सूत्र · #33

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आपके पास सिर्फ तीन ही चीजें हैं तन-मन और धन। अतः आप तन को अपने बीबी-बच्चों को दे देना, धन कुटुंब-कबीले को देना तो चल भी सकता है किन्तु 'मन' किसी को मत देना, मन तो मात्र परमात्मा के स्मरण में लगाना चाहिए।
मन