Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
चरित्र

गुणाः सर्वत्र पूज्यन्ते, पितृवंशो निरर्थकः। वासुदेवं नमस्यन्ति, वसुदेवं न ते जनाः।।

पिता का वंश निरर्थक है गुण ही सर्वत्र पूजे जाते हैं, लोग कृष्णजी को नमस्कार करते हैं उनके पिता को नहीं।

Virtues are honoured everywhere and mere lineage counts for nothing; people bow to Krishna (Vasudeva), not to his father Vasudeva.

— आराध्य सूत्र · #17

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