अनाहूतः प्रविशति, ह्यपृष्टो बहुभासते। अविश्वस्ते विश्वसिति, मूढ़श्चेतो नराधमः।।
जो विना बुलाये किसी के घर में प्रवेश करता है, विना पूँछे बहुत बोलता है, अविश्वसनीय पर विश्वास करता है वह मूर्ख अधम नर है।
He who enters another's house uninvited, speaks much unasked, and trusts the untrustworthy is a foolish and base man.
— आराध्य सूत्र · #5
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