Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
संगति

बुजुर्गों की सङ्गति करो उनकी एक-एक झुर्री पर हजार-हजार अनुभव लिखे होते हैं, काँपते हाथ, हिलती गर्दन, लड़खड़ाते कदम, मुरझाया चेहरा यह सन्देश देता है कि जो भी शुभ करना है आज कर लो, कल नहीं कर पाओगे, बूढ़ा इंसान धरती का सबसे बड़ा शिक्षालय है, उसे देखकर उगते सूरज की डूबती कहानी का बोध होता है।

Keep the company of the elderly; on each of their wrinkles a thousand experiences are written. Trembling hands, a shaking neck, faltering steps, a withered face — all convey the message: whatever good you wish to do, do it today, for tomorrow you will not be able to. An old person is the earth's greatest school; looking at them one grasps the setting story of a rising sun.

— आराध्य सूत्र · #35

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संतों की संगति करके नर देह सार्थक कर लेना चाहिए। आसन से रोगों का नाश और प्राणायाम से पापों का नाश और योगी के मन के विकार प्रत्याहार से दूर हो जाते हैं। धारणा से धैर्य आता है तथा अद्भुत चैतन्य की प्राप्ति होती है समाधि से शुभाशुभ कार्यों को त्याग कर साधक मोक्ष को प्राप्त करता है।
संगति
जब कभी अपने हृदय को प्रफुल्लित करना चाहो, अपने निकटवर्तियों के शुभ गुणों को चित्त में लाओ, जैसे कि एक की स्फूर्ति, दूसरे की विनम्रता, तीसरे की उदारता, चौथे की ऐसी ही कोई अच्छाई अर्थात् गुणों की ओर दृष्टि होने से मन प्रसन्न रहता है।
संगति