Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
संगति

चन्दनं शीतलं लोके चन्दनादपि चन्द्रमा। चन्द्र चन्दनयोर्मध्ये शीतला साधु सङ्गतिः।।

लोक में चन्दन शीतल है, चन्दन से भी शीतल चन्द्रमा है, चन्दन और चन्द्रमा से भी शीतल साधु सङ्गति है।

Sandalwood is cooling in this world, the moon is cooler than sandalwood, but cooler than both sandalwood and moon is the company of a saint.

— आराध्य सूत्र · #10

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संतों की संगति करके नर देह सार्थक कर लेना चाहिए। आसन से रोगों का नाश और प्राणायाम से पापों का नाश और योगी के मन के विकार प्रत्याहार से दूर हो जाते हैं। धारणा से धैर्य आता है तथा अद्भुत चैतन्य की प्राप्ति होती है समाधि से शुभाशुभ कार्यों को त्याग कर साधक मोक्ष को प्राप्त करता है।
संगति
जब कभी अपने हृदय को प्रफुल्लित करना चाहो, अपने निकटवर्तियों के शुभ गुणों को चित्त में लाओ, जैसे कि एक की स्फूर्ति, दूसरे की विनम्रता, तीसरे की उदारता, चौथे की ऐसी ही कोई अच्छाई अर्थात् गुणों की ओर दृष्टि होने से मन प्रसन्न रहता है।
संगति