संगति क्या आपसे मिलने वाला हर व्यक्ति प्रसन्न रहता है? Does everyone who meets you remain pleased? — आराध्य सूत्र · #14 0 – भेजें 🖼️ इमेज सेव करें · Save image card
संतों की संगति करके नर देह सार्थक कर लेना चाहिए। आसन से रोगों का नाश और प्राणायाम से पापों का नाश और योगी के मन के विकार प्रत्याहार से दूर हो जाते हैं। धारणा से धैर्य आता है तथा अद्भुत चैतन्य की प्राप्ति होती है समाधि से शुभाशुभ कार्यों को त्याग कर साधक मोक्ष को प्राप्त करता है। संगति 0 – भेजें
जब कभी अपने हृदय को प्रफुल्लित करना चाहो, अपने निकटवर्तियों के शुभ गुणों को चित्त में लाओ, जैसे कि एक की स्फूर्ति, दूसरे की विनम्रता, तीसरे की उदारता, चौथे की ऐसी ही कोई अच्छाई अर्थात् गुणों की ओर दृष्टि होने से मन प्रसन्न रहता है। संगति 0 – भेजें
अपने सेवक से बहुत हिलमिल न जाओ, शुरू में यह मेलजोल बड़ा सुखद लगता है किन्तु अंत में तिरस्कार को जन्म देता है। संगति 0 – भेजें