Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
क्षमा

क्रोध अदृश्य ज्वाला है जो भीतर ही भीतर सुलगता है जो अपने अद्वितीय व्यक्तित्व को राख कर देता है।

Anger is an invisible flame that smolders within and reduces one's own unique personality to ashes.

— आराध्य सूत्र · #5

इसी विषय के और सूत्र

सभी क्षमा →
कोई भी प्राणी तुम्हारे द्वारा तिरस्कार के योग्य नहीं है, ये तो सब स्वतन्त्र पदार्थ हैं, इनसे तेरा सम्बन्ध क्या है? अपने क्रोध–मान–माया–लोभ का तिरस्कार तेजी से करो, इन्हीं कषायों ने तुझे भटका रखा है और दुःखी कर रखा है।
क्षमा