Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
मन

मन उस मृग की तरह है, जो तृण से आच्छादित खाई को न देखकर तृण खाने दौड़ता है और खाई में गिर जाता है।

The mind is like a deer that, not seeing the grass-covered pit, runs to eat the grass and falls into the pit.

— आराध्य सूत्र · #77

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आपके पास सिर्फ तीन ही चीजें हैं तन-मन और धन। अतः आप तन को अपने बीबी-बच्चों को दे देना, धन कुटुंब-कबीले को देना तो चल भी सकता है किन्तु 'मन' किसी को मत देना, मन तो मात्र परमात्मा के स्मरण में लगाना चाहिए।
मन