Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
मन

दूर रहकर भी बीमार व्यक्ति के लिए सकारात्मक प्रार्थना या जाप किये गए, उसे शीघ्र लाभ मिला, जिन्हें नकारात्मक प्रार्थना की गयी, वे ज्यादा बीमार हो गये, वचनों के माध्यम से अपने को व दूसरों के चारित्र को निर्मल बना सकते हैं।

Even from a distance, when positive prayer or chanting was done for a sick person he recovered quickly, while those for whom negative prayer was done grew more ill; through words one can purify one's own and others' character.

— आराध्य सूत्र · #72

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आपके पास सिर्फ तीन ही चीजें हैं तन-मन और धन। अतः आप तन को अपने बीबी-बच्चों को दे देना, धन कुटुंब-कबीले को देना तो चल भी सकता है किन्तु 'मन' किसी को मत देना, मन तो मात्र परमात्मा के स्मरण में लगाना चाहिए।
मन