Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
मन

मन प्रायः गलत दिशा की ओर प्रेरित करता है, मौज-मस्ती के लिए, पाप-पाखण्ड के लिए, भोग-विलासिता के लिए, धन-वैभव के लिए, नाम-यश के लिए। एक बार मन की हो जाए तो उसकी माँग बढ़ जाती है, मन की मानोगे तो पाप में फँसोगे और दुर्गति में जाओगे। अतः मन को मनाने की कला सीखें। जो मन की मानता है वह आँसू बहाने को विवश होता है और जो मन को मना लेता है वह मुस्कुराने की कला सीख लेता है। धर्म शिक्षा की लगाम से दुष्ट मन रूपी घोड़े को नियन्त्रित कर सकते हैं।

The mind mostly drives one wrongly — toward revelry, sin and hypocrisy, indulgence, wealth, and fame. Once you obey it, its demands only grow; obey the mind and you will be caught in sin and fall into misery. So learn the art of coaxing the mind. He who obeys the mind is forced to shed tears, while he who wins the mind over learns the art of smiling. With the reins of religious training one can control the wild horse of the wicked mind.

— आराध्य सूत्र · #71

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आपके पास सिर्फ तीन ही चीजें हैं तन-मन और धन। अतः आप तन को अपने बीबी-बच्चों को दे देना, धन कुटुंब-कबीले को देना तो चल भी सकता है किन्तु 'मन' किसी को मत देना, मन तो मात्र परमात्मा के स्मरण में लगाना चाहिए।
मन