Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
संगति

छोटे बच्चों को भी मित्र बनाइए- अपने अवकाश के समय में कुछ क्षण छोटे बच्चों के साथ रहने के लिए भी सुरक्षित रखिये, इनके साथ खेलने का आनन्द उठाइए। ये आनन्द के सागर हैं। इनकी मीठी-मीठी बातें, तुतलाती बोली, लड़खड़ाते शब्द, आपको आनन्द के सागर में डुबो देंगे। इनकी निश्छल जीवन शैली आपको प्रत्येक वस्तु के प्रति एक न एक दृष्टिकोण से परिचित करायेगी। इनके अजीवों-गरीब प्रश्न आपको अधिक गहराई से सोचने पर मजबूर कर देंगे।

Make friends even of little children - reserve a few moments of your leisure to be with small children, and enjoy playing with them. They are oceans of joy. Their sweet talk, lisping speech and stumbling words will immerse you in an ocean of delight. Their innocent way of life will acquaint you with one viewpoint or another about everything, and their odd questions will compel you to think more deeply.

— आराध्य सूत्र · #44

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संतों की संगति करके नर देह सार्थक कर लेना चाहिए। आसन से रोगों का नाश और प्राणायाम से पापों का नाश और योगी के मन के विकार प्रत्याहार से दूर हो जाते हैं। धारणा से धैर्य आता है तथा अद्भुत चैतन्य की प्राप्ति होती है समाधि से शुभाशुभ कार्यों को त्याग कर साधक मोक्ष को प्राप्त करता है।
संगति
जब कभी अपने हृदय को प्रफुल्लित करना चाहो, अपने निकटवर्तियों के शुभ गुणों को चित्त में लाओ, जैसे कि एक की स्फूर्ति, दूसरे की विनम्रता, तीसरे की उदारता, चौथे की ऐसी ही कोई अच्छाई अर्थात् गुणों की ओर दृष्टि होने से मन प्रसन्न रहता है।
संगति