Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
मन

किसी की असहमति या स्वीकृति से परेशान न हो- आपको स्वीकार करने वाला व्यक्ति तकनीकी रूप से आपका मूल्याङ्कन करने के अयोग्य हो सकता है, अथवा वह आपके विरुद्ध द्वेष और विपक्षी मनोभाव रखने वाला हो सकता है, इसलिए आप उसे सही कैसे मान सकते हैं?

Do not be troubled by anyone's disapproval or approval - the person who accepts or rejects you may technically be unqualified to judge you, or may hold malice and opposition towards you; so how can you take his verdict as correct?

— आराध्य सूत्र · #8

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आपके पास सिर्फ तीन ही चीजें हैं तन-मन और धन। अतः आप तन को अपने बीबी-बच्चों को दे देना, धन कुटुंब-कबीले को देना तो चल भी सकता है किन्तु 'मन' किसी को मत देना, मन तो मात्र परमात्मा के स्मरण में लगाना चाहिए।
मन