Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
चरित्र

नयेन नेता विनयेन शिष्यः, शीलेन लिङ्गि प्रशमेन साधुः। जीवेन देहः सुकृतेन देही, वित्तेन गेही रहितो न किञ्चित्।।

नीति से रहित नेता, विनय से रहित शिष्य, ब्रह्मचर्य से रहित व्रती, शान्ति से रहित साधु, जीव से रहित देह, पुण्य से रहित प्राणी और धन से रहित गृहस्थ का कोई मूल्य नहीं है।

A leader without policy, a disciple without humility, a votary without celibacy, a saint without tranquillity, a body without life, a being without merit, and a householder without wealth — none of these has any worth.

— आराध्य सूत्र · कण्ठाभरण श्लोक · #26

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