Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
चरित्र

वित्ते त्यागः क्षमा शक्तौ, दुःखे दैन्य विहीनता। निर्दम्भता सदाचारे, स्वाभावोऽयं महात्मनां।।

महापुरुषों का यह स्वभाव है धन होने पर दान देते हैं, शक्ति होने पर क्षमा करते हैं, दुःख आने पर दीनहीन नहीं होते और आचरण से छलावा नहीं करते हैं।

This is the nature of great souls: when they have wealth they give it away, when they have power they forgive, when sorrow comes they do not become wretched, and in conduct they practise no deceit.

— आराध्य सूत्र · कण्ठाभरण श्लोक · #15

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