Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
क्षमा

चण्डो ण मुच्चई वेरं, भण्डणसीलो य धम्म दयरहिओ। दुट्ठो ण य एदि वसं, लक्खण मेयं तु किण्हस्स।।

जो अत्यन्त क्रोधी होता है, बैर नहीं छोड़ता है, कुछ भी बकता रहता है, धर्म और दया से रहित होता है, दुष्ट होता है और किसी के वश में नहीं आता है वह कृष्ण लेश्या वाला कहलाता है।

One who is extremely angry, never lets go of enmity, keeps babbling anything, is devoid of dharma and compassion, is wicked and comes under no one's control — such a person is said to have the Krishna (black) leshya.

— आराध्य सूत्र · #1

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कोई भी प्राणी तुम्हारे द्वारा तिरस्कार के योग्य नहीं है, ये तो सब स्वतन्त्र पदार्थ हैं, इनसे तेरा सम्बन्ध क्या है? अपने क्रोध–मान–माया–लोभ का तिरस्कार तेजी से करो, इन्हीं कषायों ने तुझे भटका रखा है और दुःखी कर रखा है।
क्षमा