Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
वाणी

दुर्जनों की गालियों की परवाह करने की कोई आवश्यकता नहीं उनके कुवचनों से कुछ नहीं बिगड़ता किन्तु सज्जनों के मुख से निकलने वाले कुवाक्य अभिशाप बन कर लोगों को कष्ट पहुँचाते हैं, अत: उनके हृदय को दु:खाना ठीक नहीं है।

There is no need to mind the abuse of the wicked—their foul words spoil nothing; but ill words from the mouths of the good become a curse and cause people pain, so it is not right to wound their hearts.

— आराध्य सूत्र · #6516

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