Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
वाणी

कर क्रोध को पित्त के समान छोड़कर, लोभ को आँव के समान छोड़कर, भय को वात के समान भेद नष्ट कर, हास्य को कफ के समान नष्ट कर स्वस्थ हो मनुष्य को वाणी बोलना चाहिए।

Discarding anger like bile, greed like mucus, destroying fear like wind, and destroying frivolity like phlegm, a person should speak in good health.

— आराध्य सूत्र · #6382

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