क्षमा अपने शत्रु से प्रेम करो, जो तुम्हें सताये उसके लिए प्रार्थना करो। Love your enemy; pray for the one who torments you. — आराध्य सूत्र · #6281 0 – भेजें 🖼️ इमेज सेव करें · Save image card
पाप की कालिमा को नदी समुद्र का पानी नहीं धो सकता, उसे तो पश्चाताप के आँसू ही धो सकते हैं एवं परमात्मा तक पहुँचने के लिए प्रायश्चित सबसे सरल मार्ग है। क्षमा 0 – भेजें
प्रायश्चित से पिछले पाप के प्रति विरक्ति उत्पन्न होती है और आगे के लिए सावधानी होती है। क्षमा 0 – भेजें
‘‘पहले पाप कर लें पीछे प्रायश्चित कर लेंगे’’ इस प्रकार जान–बूझकर किए गये पाप प्रायश्चित से नष्ट नहीं होते हैं। क्षमा 0 – भेजें
कोई भी प्राणी तुम्हारे द्वारा तिरस्कार के योग्य नहीं है, ये तो सब स्वतन्त्र पदार्थ हैं, इनसे तेरा सम्बन्ध क्या है? अपने क्रोध–मान–माया–लोभ का तिरस्कार तेजी से करो, इन्हीं कषायों ने तुझे भटका रखा है और दुःखी कर रखा है। क्षमा 0 – भेजें
आत्म शुद्धि पर अधिक लक्ष्य रखो। तुम्हारे क्षमादि भाव ही तुम्हारे रक्षक हैं और कोई रक्षा करने वाला नहीं है। क्षमा 0 – भेजें