Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
चरित्र

मैं उस शरीर को शरीर मानता हूँ जो चारित्र तथा तप करने में समर्थ है परीषह सहन करने वाला है धीर है अन्य शरीर पाप करने वाला है।

I regard as a body that body which is capable of conduct and austerity, which endures hardships and is steadfast; any other body is a doer of sin.

— आराध्य सूत्र · #6215

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