Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
चरित्र

बुराई का त्याग करना, भलाई को स्वीकार कर पालन करना ही श्रेष्ठ चक्रवर्ती व्रत है क्योंकि व्रत बंधन नहीं, बल्कि स्वतंत्रता का द्वार है।

To renounce evil and to accept and follow good is the supreme, sovereign vow; for a vow is not bondage but the doorway to freedom.

— आराध्य सूत्र · #5962

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